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Tuesday, 6 January 2026

इजरायल 2026: युद्ध, कूटनीति और नए गठबंधनों का दौर

 
जनवरी 2026 की शुरुआत इजरायल के लिए सुरक्षा और राजनीति दोनों लिहाज से बहुत महत्वपूर्ण रही है। जहाँ एक तरफ क्षेत्रीय संघर्ष जारी है, वहीं दूसरी ओर कुछ ऐसी कूटनीतिक घटनाएं हुई हैं जिन्होंने पूरी दुनिया को चौंका दिया है। 1. सीरिया और लेबनान मोर्चे पर हलचल हालिया रिपोर्टों के अनुसार, इजरायल और सीरिया के बीच अमेरिका की मध्यस्थता में सुरक्षा वार्ता (Security Talks) फिर से शुरू हुई है। सीरिया वार्ता: बशर अल-असद के पतन के बाद इजरायल ने सीरियाई सीमा के भीतर कुछ क्षेत्रों में अपनी मौजूदगी बढ़ाई थी। अब पेरिस में दोनों देशों के प्रतिनिधिमंडल मिल रहे हैं ताकि 1974 के 'डििसएंगेजमेंट एग्रीमेंट' को पुनर्जीवित किया जा सके। लेबनान में तनाव: नवंबर 2025 में हुए युद्धविराम के बावजूद, पिछले 24 घंटों में इजरायल ने लेबनान के सिडोन (Sidon) और दक्षिणी इलाकों में एयरस्ट्राइक की है। इजरायल का दावा है कि ये हमले हिजबुल्लाह के हथियार डिपो को निशाना बनाने के लिए किए गए थे। 2. सोमालीलैंड को मान्यता: एक ऐतिहासिक कदम इजरायल ने हाल ही में सोमालीलैंड को एक स्वतंत्र देश के रूप में मान्यता दी है। यह एक बहुत बड़ा रणनीतिक फैसला माना जा रहा है। रणनीतिक लाभ: इसके बदले में इजरायल को लाल सागर (Red Sea) और यमन के तट के पास बेस या पोर्ट की सुविधा मिल सकती है। अफ्रीकी संघ का विरोध: इस फैसले से अफ्रीकी संघ (AU) नाराज है और आज (6 जनवरी) इस पर एक आपातकालीन सत्र बुलाया गया है। 3. इजरायल और अमेरिका (ट्रंप प्रशासन) इजरायल और अमेरिका के संबंध एक नए स्तर पर पहुँच गए हैं। इजरायल प्राइज: प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने घोषणा की है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को 2026 का 'इजरायल प्राइज' (सर्वोच्च नागरिक सम्मान) दिया जाएगा। ईरान पर दबाव: दोनों देश मिलकर ईरान में जारी विरोध प्रदर्शनों और वहां की सुरक्षा स्थिति पर कड़ी नजर रखे हुए हैं। 4. गाजा और वेस्ट बैंक की स्थिति मानवीय संकट: गाजा में अभी भी मानवीय सहायता को लेकर अंतरराष्ट्रीय दबाव बना हुआ है। इजरायल ने 37 अंतरराष्ट्रीय गैर-सरकारी संगठनों (NGOs) के लाइसेंस रद्द करने की घोषणा की है, जिसका संयुक्त राष्ट्र ने कड़ा विरोध किया है। आंतरिक सुरक्षा: वेस्ट बैंक में सुरक्षा बलों की कार्रवाई और नई बस्तियों (Settlements) को लेकर तनाव बना हुआ है। निष्कर्ष: इजरायल इस समय अपनी उत्तरी सीमा को सुरक्षित करने, सीरिया के साथ एक स्थायी समझौते की तलाश करने और अफ्रीका में नए दोस्त बनाने की रणनीति पर काम कर रहा है। हालांकि, गाजा में शांति की बहाली और लेबनान में बार-बार टूटता युद्धविराम अभी भी बड़ी चुनौतियां बनी हुई हैं। क्या आप चाहते हैं कि मैं इनमें से किसी खास मुद्दे (जैसे सोमालीलैंड डील या सीरिया वार्ता) पर आपको और अधिक जानकारी दूँ?

जनवरी 2026 की शुरुआत इजरायल के लिए सुरक्षा और राजनीति दोनों लिहाज से बहुत महत्वपूर्ण रही है। जहाँ एक तरफ क्षेत्रीय संघर्ष जारी है, वहीं दूसरी ओर कुछ ऐसी कूटनीतिक घटनाएं हुई हैं जिन्होंने पूरी दुनिया को चौंका दिया है।

1. सीरिया और लेबनान मोर्चे पर हलचल

हालिया रिपोर्टों के अनुसार, इजरायल और सीरिया के बीच अमेरिका की मध्यस्थता में सुरक्षा वार्ता (Security Talks) फिर से शुरू हुई है।

सीरिया वार्ता: बशर अल-असद के पतन के बाद इजरायल ने सीरियाई सीमा के भीतर कुछ क्षेत्रों में अपनी मौजूदगी बढ़ाई थी। अब पेरिस में दोनों देशों के प्रतिनिधिमंडल मिल रहे हैं ताकि 1974 के 'डििसएंगेजमेंट एग्रीमेंट' को पुनर्जीवित किया जा सके।

लेबनान में तनाव: नवंबर 2025 में हुए युद्धविराम के बावजूद, पिछले 24 घंटों में इजरायल ने लेबनान के सिडोन (Sidon) और दक्षिणी इलाकों में एयरस्ट्राइक की है। इजरायल का दावा है कि ये हमले हिजबुल्लाह के हथियार डिपो को निशाना बनाने के लिए किए गए थे।

2. सोमालीलैंड को मान्यता: एक ऐतिहासिक कदम

इजरायल ने हाल ही में सोमालीलैंड को एक स्वतंत्र देश के रूप में मान्यता दी है। यह एक बहुत बड़ा रणनीतिक फैसला माना जा रहा है।

रणनीतिक लाभ: इसके बदले में इजरायल को लाल सागर (Red Sea) और यमन के तट के पास बेस या पोर्ट की सुविधा मिल सकती है।

अफ्रीकी संघ का विरोध: इस फैसले से अफ्रीकी संघ (AU) नाराज है और आज (6 जनवरी) इस पर एक आपातकालीन सत्र बुलाया गया है।

3. इजरायल और अमेरिका (ट्रंप प्रशासन)

इजरायल और अमेरिका के संबंध एक नए स्तर पर पहुँच गए हैं।

इजरायल प्राइज: प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने घोषणा की है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को 2026 का 'इजरायल प्राइज' (सर्वोच्च नागरिक सम्मान) दिया जाएगा।

ईरान पर दबाव: दोनों देश मिलकर ईरान में जारी विरोध प्रदर्शनों और वहां की सुरक्षा स्थिति पर कड़ी नजर रखे हुए हैं।

4. गाजा और वेस्ट बैंक की स्थिति

मानवीय संकट: गाजा में अभी भी मानवीय सहायता को लेकर अंतरराष्ट्रीय दबाव बना हुआ है। इजरायल ने 37 अंतरराष्ट्रीय गैर-सरकारी संगठनों (NGOs) के लाइसेंस रद्द करने की घोषणा की है, जिसका संयुक्त राष्ट्र ने कड़ा विरोध किया है।

आंतरिक सुरक्षा: वेस्ट बैंक में सुरक्षा बलों की कार्रवाई और नई बस्तियों (Settlements) को लेकर तनाव बना हुआ है।

निष्कर्ष: इजरायल इस समय अपनी उत्तरी सीमा को सुरक्षित करने, सीरिया के साथ एक स्थायी समझौते की तलाश करने और अफ्रीका में नए दोस्त बनाने की रणनीति पर काम कर रहा है। हालांकि, गाजा में शांति की बहाली और लेबनान में बार-बार टूटता युद्धविराम अभी भी बड़ी चुनौतियां बनी हुई हैं।

क्या आप चाहते हैं कि मैं इनमें से किसी खास मुद्दे (जैसे सोमालीलैंड डील या सीरिया वार्ता) पर आपको और अधिक जानकारी दूँ?

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